दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिसर में जीएमआर समूह द्वारा स्थापित 120 मिस्ट स्प्रे सिस्टम का उद्घाटन किया। यह पहल राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और यात्रियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए अल्पकालिक, मध्यावधि और दीर्घकालिक रणनीतियों पर वैज्ञानिक तरीके से काम कर रही है।
उपस्थित लोगों में दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, बिजवासन के विधायक कैलाश गहलोत, जीएमआर समूह के निदेशक नारायण राव काडा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने पहले ही राजधानी की प्रमुख सड़कों और 143 ऊंचे मेट्रो स्टेशनों पर धुंध स्प्रे सिस्टम स्थापित कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त, वास्तविक समय निगरानी नेटवर्क को 46 मेट्रो स्टेशनों तक विस्तारित किया गया है, जिससे यह देश के किसी भी शहर में इस तरह का सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है। ‘वायु रक्षक’ पहल के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
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दिल्ली हवाई अड्डे को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में इसके 100 मिलियन यात्री आंकड़े को पार करने और दुनिया के पांचवें सबसे बड़े हवाई अड्डे के रूप में उभरने की उम्मीद है। हवाई अड्डे पर स्थापित धुंध प्रणाली यात्रियों को बेहतर वायु गुणवत्ता अनुभव प्रदान करेगी और राजधानी की पर्यावरणीय छवि को मजबूत करेगी। उन्होंने जीएमआर ग्रुप को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को दर्शाती है। जब सरकारी और निजी संस्थान साझा दृष्टिकोण के साथ काम करते हैं, तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है। भविष्य में धुंध प्रणाली को 600 खंभों तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे हवाई अड्डे और आसपास के क्षेत्रों में धूल नियंत्रण को और मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य 2029 तक सार्वजनिक बस बेड़े को पूरी तरह से विद्युतीकृत करना, मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करना, ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे का विकास करना, शहर भर में 1,000 से अधिक जल छिड़काव तैनात करना और निर्माण स्थलों पर एआई-आधारित धूल निगरानी लागू करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन पहलों से न केवल प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी बल्कि दिल्ली को देश के सबसे रहने योग्य शहरों में से एक बनाने के लक्ष्य को साकार करने में भी मदद मिलेगी। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ हवा, हरित परिवहन और सतत विकास के पथ पर आगे बढ़ाना सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है और इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।