फैटी लीवर रोग के 4 चरणों की व्याख्या: लक्षण, जोखिम और पुनर्प्राप्ति

फैटी लीवर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता है, खासकर जब यह शुरुआती चरण में होता है, इसलिए नियमित जांच महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से फैटी लीवर विकसित होने के उच्च जोखिम वाले लोगों के लिए, जैसे कि अधिक वजन वाले, टाइप 2 मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल और अस्वास्थ्यकर आहार वाले लोग। आमतौर पर, डॉक्टर कुछ साधारण भोजन की अदला-बदली, अल्ट्रासाउंड स्कैन और लिवर एंजाइम के स्तर को नियंत्रण में रखने की सलाह देते हैं।

यह समझना जरूरी है कि चरण कोई भी हो, फैटी लीवर रोग को प्रबंधित करने का सीधा तरीका जीवनशैली में बदलाव है। संतुलित, पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम करने से ऐसी स्थितियाँ दूर रहती हैं।