महाशिवरात्रि सबसे प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे देश में हर शिव मंदिर में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन का जश्न मनाता है। इस त्यौहार को “शिव की महान रात” के रूप में भी जाना जाता है जो आध्यात्मिक जागृति, आत्म-बोध और आंतरिक शांति और सकारात्मकता को बढ़ाने वाली रात का प्रतीक है। भक्त इस त्योहार को बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाते हैं। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महा शिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। इस साल भक्त आज यानी 2020 को महाशिवरात्रि का त्योहार मना रहे हैं 15 फ़रवरी 2026.
महाशिवरात्री 2026 : तिथि और समय
15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाएगा। आइए देखें तारीख और समय:
| महाशिवरात्रि महोत्सव तिथि | तिथि और समय |
| चतुर्दशी तिथि आरंभ | 15 फरवरी, 2026 – 05:04 अपराह्न |
| चतुर्दशी तिथि समाप्त | 16 फरवरी, 2026 – 05:34 अपराह्न |
| रात्रि प्रथम प्रहर पूजा का समय | 15 फरवरी, 2026 – शाम 06:11 बजे से रात 09:23 बजे तक |
| रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय | 16 फरवरी, 2026 – रात्रि 09:23 बजे से रात्रि 12:35 बजे तक |
| रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय | 16 फरवरी, 2026 – 12:35 पूर्वाह्न से 03:47 पूर्वाह्न तक |
| रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय | 16 फरवरी 2026 – प्रातः 03:47 बजे से प्रातः 06:59 बजे तक |
| निशिता काल पूजा समय | 16 फरवरी, 2026 – 12:09 पूर्वाह्न से 01:01 पूर्वाह्न तक |
| शिवरात्रि पारण समय | 16 फरवरी, 2026 – प्रातः 06:59 बजे से अपराह्न 03:24 बजे तक |
महा शिवरात्रि 2026: महत्व
महाशिवरात्रि हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे भव्यता और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्यौहार पूरे देश में बहुत खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन का जश्न मनाता है। यह मर्दाना और स्त्री ऊर्जा का मिलन है। इस दिन का बहुत धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह त्योहार अज्ञानता पर प्रकाश की जीत का प्रतिनिधित्व करता है और इस शुभ दिन पर भगवान शिव की पूजा करके और रात्रि जागरण करके, भक्त जागरूकता और ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने इस पवित्र रात में तांडव, ब्रह्मांडीय नृत्य किया था।
कैसे मनाया जाता है त्यौहार?
यह त्योहार पूरे देश में बेहद खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्यौहार उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर, वाराणसी, केदारनाथ और काशी विश्वनाथ मंदिर में भव्य स्तर पर मनाया जाता है।
महाशिवरात्रि 2026: पूजा अनुष्ठान
उपवास: इस पवित्र दिन पर भक्त व्रत रखते हैं।मंत्र जाप: लोगों को शिव की मूर्ति का आह्वान करने के लिए भगवान शिव को समर्पित मंत्र का जाप करना चाहिए।अभिषेकम: लोग विभिन्न पवित्र वस्तुओं से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।ध्यान और प्रार्थना: यह वह शक्तिशाली रात है जब भक्त पूरी रात जागते हैं और भगवान शिव और देवी पार्वती को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियाँ करते हैं।
शिव मंत्र
1. ॐ नमः शिवाय..!!2. ॐ त्र्यमभकं यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम् उर्वारुकमिव बंधनान् मृत्योर् मुक्षिया मामृतात्..!!