19वें मेमोरियल फेस्टिवल में नर्तकियों ने प्रेरित प्रदर्शन के साथ चंद्रलेखा की रचनात्मक भावना को जीवंत कर दिया
19वें चंद्रलेखा मेमोरियल का विषय ‘केरल के नर्तक’ था। प्रदर्शन में कुचिपुड़ी यक्षगान, मोहिनीअट्टम, भरतनाट्यम और कूडियाट्टम शामिल थे। गुरु पसुमर्थी रत्तिया सरमानट्टुवंगम पर; गायन पर मुरली संगीत, मृदंगम पर कलामंडलम श्रीरंग और बांसुरी पर हरिप्रसाद सुब्रमण्यम ने प्रस्तुति दी। | फोटो साभार: उमेश कुमार पसुमर्थी रत्तियाह सरमा और काव्य हरीश कुचिपुड़ी यक्षगान प्रस्तुत किया। … Read more