त्रिशूर में यह थोलपावाकुथु संस्थान किस प्रकार कला को एक बड़ा बढ़ावा दे रहा है

शाम ढलने लगती है। मंच पर एक सूती कपड़ा फैला दिया जाता है। इसके पीछे, 21 दीपक टिमटिमाते और कभी-कभी भड़कती हुई लपटों के साथ टिमटिमाते हैं। तभी माया सीता की कहानी सामने आने लगती है, जो बाद के रामायण रूपांतरणों से सीता की एक भ्रामक दोहरी कहानी है। राम का अयोध्या से वनवास, जंगल … Read more