ग्रामीण भारत में एक बुदबुदाती क्रांति

हमारे लेखकों, विचारकों और राजनेताओं ने हमेशा दो भारत की बात की है- एक जो हमारे शहरों में रहता है और दूसरा हमारे गांवों में। दोनों राष्ट्र के अभिन्न अंग हैं फिर भी संस्कृति, आय, प्रौद्योगिकी और संसाधनों तक पहुंच में गहराई से विभाजित हैं। हालाँकि, हमारे देश के केंद्र में उभर रही डिजिटल क्रांति … Read more